नई दिल्ली: दिल्ली की जहरीली हवा में लोग जीने को मजबूर हैं वायु प्रदुषण को रोकने के लिए किए गए कामों को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की, इस दौरान सर्वोच्च न्यायलय ने सरकार को तगड़ी फटकार लगाई है. सुनवाई में कोर्ट ने सुरक्षा उपायों (GRAP4) में दी गई ढील और देरी पर सवाल उठाए हैं.
राष्ट्रीय राजधानी में इन दिनों प्रदुषण का मुद्दा हर किसी की जुबान पर है इससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. इससे जुड़े मामले ही सुनावाई जस्टिस एएस ओका और ऑगस्टीन जॉर्ज की पीठ ने की. इसमें कोर्ट ने पूछा कि ग्रैप तंत्र को पहले लागू क्यों नहीं किया गया, जैसे ही एक्यूआई 400 को पार करता है उसी वक्त इसकी स्टेज 3 को लागू करना चाहिए जिसे 13 नवंबर को किया गया. आखिर इसमें इतनी देरी क्यों आई?
इस पर सरकारी के वकील की तरफ से जबाव देते हुए कहा गया कि वर्तमान में दिल्ली में ग्रैप 4 की पाबंदियां लागू हैं जिस पर फटकार लगाते हुए न्यायलय ने कहा कि अदालत की इजाजत के बना ग्रैप 4 को हटाया नहीं जाएगा. इसका इसका आदेश दिया जा रहा है अब भले ही एक्यूआई 300 से नीचे क्यों न जाए.
प्रदुषण की समस्या पर सुप्रीम कोर्ट ने इसे सख्ती से निपटने की बात की, पीठ की तरफ से सवाल किया गया कि प्रदुषण को कम करने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है, ग्रैप का पाबंदियों को कौन मॉनिटर करता है साथ ही इसकी स्टेज 4 को लागू करने में इतनी देरी क्यों की गयी.
बता दें कि इन दिनों राजधानी दिल्ली प्रदुषण की मार झेल रही है, वायु सूचकांक खराब स्थिति में पहुंच गया है. साथ ही बिगड़ते हालत को देखकर लग रहा है कि ये अभी और नीचे जाएगा. जहरीली होती हवा में बच्चों और बुज़ुर्गों को सांस लेने में काफी परेशानी हो रही है. इसे देखते हुए अब हबडातबड़ी में दिल्ली सरकार ने ग्रैप 4 को आज सुबह से लागू किया है.