Haridwar: हाथियों की आबादी में चहलकदमी बनी हुई है. हाथियों की चहलकदमी बहादराबाद, लक्सर जगजीतपुर में अधिक है. यहां रोज ही कालोनियों, सड़कों, बाजारों में हाथी लोगों को दर्शन देने निकल रहे हैं. आज सुबह भी कनखल जगजीतपुर क्षेत्र में हाथियों की गतिविधियां दिखाई दी. हाथियों का एक पूरा समूह कालोनियों में घूमता दिखाई दिया. हालांकि हाथी भी आबादी के आदी हो चुके हैं और प्रायः लोगों को नुकसान नहीं पहुंचाते, लेकिन टकराव की आशंका बनी रहती है.
हालांकि वन विभाग ने हाथियों के एक दल को चिह्नित किया है. 11 हाथियों का यह दल हरिद्वार के 17 किलोमीटर क्षेत्र में मूवमेंट कर रहा है. इस दल का नेतृत्व अल्फा नाम का व्यस्क नर कर रहा है. वन विभाग अब हाथियों के इस बिग बॉस को कालर पहनाने की तैयारी में है, ताकि इस दल के आबादी के आसपास फटकने से पूर्व ही वन विभाग अलर्ट हो जाए और इन हाथियों की आबादी में आमद रोकी जा सके.
महानगर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुनील सेठी ने कनखल समेत आसपास के क्षेत्रों में हाथियों की बढ़ती आवाजाही पर गहरी चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि हाथी अब रात्रि के साथ-साथ दिन में भी बाजारों और कालोनियों में पहुंच रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल है.
सेठी ने कहा कि हाथियों की बढ़ती संख्या से बच्चों, बुजुर्गों और आम जनता के जीवन को खतरा उत्पन्न हो गया है. विशेष रूप से स्कूलों के आसपास हाथियों का आना बेहद चिंताजनक है. उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग इस समस्या से निपटने में नाकाम रहा है और सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है.
व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आने वाले कोहरे के मौसम में स्थिति और अधिक खराब हो सकती है क्योंकि कोहरे में हाथियों को देख पाना मुश्किल होगा. उन्होंने वन विभाग से प्रभावी कदम उठाने और हाथियों की आवाजाही को रोकने की मांग की है.
हिन्दुस्थान समाचार