Dehradun: प्रदेश में निकाय चुनावों का इंतजार पिछले लंबे वक्त से किया जा रहा है, वहीं अब कुछ दिन से सियासी गलियारे में इसकी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि अगले साल मकर संक्रांति के बाद ये चुनाव कभी भी हो सकते हैं जिसे लेकर मंथन भी चल रहा है.
इन दिनों राजनीतिक दलों के मुख्यालयों में और उत्तराखंड के दिग्गज नेताओं के घरों में टिकट को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं. बीजेपी में भी इन चुनावों में आरक्षण को लेकर मंथन किया जा रहा है जिसे लेकर लगातार बैठकों का दौर जारी है. इसे लेकर जल्द ही तस्वीर साफ हो सकती है.
वहीं इस बीच राज्य निर्वाचन कार्यालय भी आगामी निकाय चुनावों की तैयारियों में जुटा हुआ है. केदारनाथ उपचुनाव के बाद अब सारा फोकस निकाय चुनावों की तरफ आ गया है. यह साल भी लगभग खत्म होने ही वाला है ऐसे में संभावना है कि जनवरी के मध्य तक इन्हें करा लिया जाएगा.
निकाय चुनाव आरक्षण एक प्रमुख विषय है ऐसे में आरक्षण कहां और कैसे दिया जाना है इसके बारे में जल्द ही कोई बड़ी घोषणा हो सकती है. इसके बाद के समय में सवालों पर भी चर्चा होनी है. इसके बाद ही प्रदेश में आगामी चुनावों की कोई अधिकारिक घोषणा की जाएगी. ऐसे में ये बैठकों का दौर अब पूरा दिसंबर चलेगा.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकास के कार्यों को देखने के लिए पूरे राज्य में समीक्षा दौरे करना शुरू कर दिए हैं जिसे निकाय चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है. वहीं बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने ही अपने नेताओं को चुनावों की तैयारियों में जुट जानें के निर्देश दिए हैं. कांग्रेस की तरफ से समय पहले ही प्रचार करने के लिए सभी दिग्गज नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गयी है.
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