Mahakumbh 2025: आज महाकुम्भ का अंतिम दिन है, महाशिवरात्रि के मौके पर महास्नान करने के लिए देशभर से श्रद्धालु प्रयागराज पहुंच रहे हैं. संगम पर डुबकी लगाने के लिए भारी भीड़ उमड़ी है. मेला प्रशासन के मुताबिक महाशिवरात्रि पर सुबह 8 बजे तक 60 लाख 12 हजार श्रद्धालु पतित पावनी गंगा, श्यामल यमुना और अंत:सलिता सरस्वती की त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं. जिन लोगों ने स्नान कर लिया है, वे काफी उत्साहित दिखे. बता दें, 13 जनवरी से अब तक 65 करोड़ 49 लाख श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं. संगम में डुबकी लगाने वालों की यह संख्या 200 देशों की जनसंख्या से ज्यादा है.
आधी रात से शुरू हो गया स्नान : संगम किनारे तड़के दूधिया रोशनी के बीच आधी रात के बाद से ही महिलाएं, पुरूष, युवा, बच्चे और दिव्यांगों ने हर हर महादेव, हर हर गंगे, ऊं नम: शिवाय, तथा कुछ श्रद्धालुओं ने मौन रहकर पुण्य की डुबकी लगानी शुरू कर दी. शीत लहर का झाेंका भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं पाया. जैसे़ जैसे दिन चढ़ता गया श्रद्धालुओं के कदम संगम की ओर बढ़ते रहे.
#WATCH | Prayagarj | Devotees take a holy dip at Triveni Sangam on the occasion of #Mahashivratri2025 #MahaKumbhMela2025 – the world’s largest religious gathering that begins on Paush Purnima – January 13, concludes today pic.twitter.com/SItwY4Is1w
— ANI (@ANI) February 26, 2025
आज यानी 26 फरवरी को आखिरी स्नान पर्व के साथ 13 जनवरी से शुरू हुए 45 दिनी सबसे बड़े धार्मिक आयोजन का समापन हो जाएगा. आज शिवरात्रि पर 3 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है. यानी, कुल आंकड़ा 68 से 69 करोड़ तक पहुंच सकता है.महाकुम्भ के अंतिम स्नान में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन सतर्क है.
#WATCH | प्रयागराज, उत्तर प्रदेश: #Mahashivratri2025 और महाकुंभ के अंतिम स्नान के अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु त्रिवेणी संगम पर पवित्र डुबकी लगा रहे हैं।
(वीडियो ड्रोन कैमरे द्वारा शूट किया गया है।) pic.twitter.com/RMwUQ8a4cZ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 26, 2025
श्रद्धालुओं का लगातार आना जारी : आज महाकुम्भ का आखिरी दिन हैं. लोग आज स्नान कर पुण्य लाभ लेना चाहते हैं. प्रयागराज में लोगों का आना लगातार जारी है. पुलिस लगातार लोगों को आने-जाने की जानकारियां देकर मदद कर रही है. मेला प्रशासन के मुताबिक, 12 किमी लंबे संगम तट पर मंगलवार की आधी रात से 41 घाटों पर देश के कोने-कोने से पहुंचे श्रद्धालुओं ने लगाई अंतिम स्नान पर्व पर पुण्य की डुबकी लगायी. स्नान घाटों पर महिलाओं के लिए बड़ी संख्या में चेंजिंग रूम बनाए गये हैं. सकुशल आयोजन को मेला प्रशासन मुस्तैद है.
प्रशासन अलर्ट मोड पर
मेले में स्नान के लिए सभी घाटों पर जल पुलिस के जवानों के साथ एनडीआरएफ और पुलिस और प्राइवेट गोताखोर की रेस्क्यू टीम तैनात की गयी है, जिससे किसी भी तरह की स्थिति से समय रहते निबटा जा सके. पुलिसकर्मियों को मेला क्षेत्र में संदिग्ध एवं लावारिस पड़ी वस्तुओं पर नजर रखने के निर्देश दिए गये हैं. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगातार सक्रियता बरतने का निर्देश दिए गये हैं. नाव में क्षमता से अधिक व्यक्ति नहीं बैठे इसके लिए नजर रखने की हिदायत दी गयी है.
#WATCH | वाराणसी, उत्तर प्रदेश | #Mahashivratri2025 के अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे विदेशी श्रद्धालुओं ने ‘शिव तांडव स्तोत्र’ का पाठ और ‘हर हर महादेव’ का जाप किया। pic.twitter.com/dlodDMk2eH
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 26, 2025
दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश महाकुम्भ नगर: चीन और भारत को छोड़ उतने लोग आए, जितनी दुनिया के बड़े देशों की जनसंख्या नहीं है. अमेरिका, रूस, इंडोनेशिया, ब्राजील, पाकिस्तान की आबादी से ज्यादा लोग महाकुम्भ नगर में आ चुके हैं. यूएस सेंसस ब्यूरो की एक रिपोर्ट के अनुसार, पूरी दुनिया के 200 से अधिक राष्ट्रों में जनसंख्या के दृष्टिकोण से टॉप 10 देशों में क्रमश: भारत (1,41,93,16,933), चीन (1,40,71,81,209), अमेरिका (34,20,34,432), इंडोनेशिया (28,35,87,097), पाकिस्तान (25,70,47,044), नाइजीरिया (24,27,94,751), ब्राजील (22,13,59,387), बांग्लादेश (17,01,83,916), रूस (14,01,34,279) और मैक्सिको (13,17,41,347) शामिल हैं.
मुख्य स्नान पर्वों पर बढ़ी भीड़: महाकुम्भ की शुरूआत 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ हुई। इस दिन 1.70 करोड़ ने संगम में पुण्य की डुबकी लगायी थी. इस स्नान के अगले ही दिन 14 जनवरी को मकर संक्रांति को प्रथम अमृत स्नान था. इस दिन 3.50 करोड़ श्रद्धालु डुबकी लगाकर पुण्य की भागी बनें. 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन दूसरा अमृत और महाकुम्भ का तीसरा स्नान था. इस दिन दुखद हादसा भी पेश आया था, जिसमें 30 श्रद्धालु जान गंवा बैठे थे. दूसरे अमृत स्नान के दिन 7.64 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया। 03 फरवरी बसंत पंचमी को तीसरा और अंतिम अमृत स्नान था. इस दिन 2.57 करोड़ श्रद्धालु डुबकी लगाने प्रयागराज पहुंचे. 12 फरवरी माघ पूर्णिमा के दिन महाकुम्भ का पांचवां स्नान सम्पन्न हुआ. इस दिन 2.04 करोड़ श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगायी. इसी दिन स्नान दान के साथ एक महीने से चले आ रहे कल्पवास का भी समापन हुआ.
प्रयागराज के शिवालयों में विशेष तैयारी : महाशिवरात्रि के पर्व पर प्रयागराज के शिवालयों खासतौर पर मनकामेश्वर मंदिर, कोटेश्वर महादेव, नागवासुकी मंदिर, दशाश्वमेध मंदिर, सोमेश्वर मंदिर, पडिला महादेव और नागेश्वर धाम समेत आसपास के शिवालयों में खास तैयारी की गई है. इस मौके पर प्रयागराज के शिवालयों में भी शिव भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है. सुबह की महाआरती के बाद मंदिरों के पट भक्तों के लिए खुल गए हैं. श्रद्धालु संगम में स्नान के बाद शिवालियों में भी भगवान भोले को जलाभिषेक करते हैं.
13 जनवरी से शुरू हुए महायज्ञ का आज समापन : शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ महराज के सेक्टर-18 हर्षवर्धन मार्ग पर लगे शिविर में विश्व कल्याण और लोगों की उन्नति के लिए विशाल महायज्ञ चल रहा है, जहां रोज 101 आचार्य महायज्ञ को कराने में लगे हुए है. आज इस महायज्ञ का समापन हो जाएगा. यह महायज्ञ पौष पूर्णिमा 13 जनवरी से शुरू हुआ है.
60 % से अधिक सनातनियों ने लगायी डुबकी : उप्र सरकार के मुताबिक, सनातन धर्म को मानने वाले दुनिया के 60 प्रतिशत से अधिक लोगों ने संगम में स्नान किया. अमेरिका की दोगुनी, रूस की चार गुनी और जापान की पांच गुनी से अधिक आबादी ने संगम में डुबकी लगाई. उप्र सरकार ने कहा- यह मानव इतिहास का सबसे बड़ा आयोजन है. इससे पहले इतनी बड़ी संख्या में लोगों के सहभागी होने के प्रमाण नहीं हैं.
नया कीर्तिमान बनाएगा श्रद्धालुओं का आंकड़ा : महाकुम्भ का आज आखिरी दिन है. सुबह 8 बजे तक 60.12 लाख लोग स्नान कर चुके हैं. पिछले 44 दिन में 65 करोड़ 49 लाख श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई. महाशिवरात्रि पर्व स्नान के साथ ही 45 दिनों तक चले महाकुम्भ का समापन हो जाएगा. आज शिवरात्रि पर 3 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है. यानी, कुल आंकड़ा 66 से 67 करोड़ तक पहुंच जाएगा.
हिन्दुस्थान समाचार