Chandrayaan-5: इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन की तरफ से मिशन चंद्रयान को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है. हाल ही में इसरों के अध्यक्ष वी. नारायण ने इसकी जानकारी देते हुए मिशन के उद्देश्य और इससे होने वाले फायदों को बारे में बताया है. जानकारी के मुताबिक चंद्रयान-5 मिशन 2028 -29 तक लॉन्च किया जाएगा, इसकी लॉन्चिंग डेट का ऐलान आने वाले चरणों में इसके पूरे होने के बाद किया जाएगा.
क्या हो चंद्रयान 5, जानें इसके उद्देश्य
बता दें कि चंद्रयान 3 की तरह मिशन 5 भी काफी खास रहने वाला है. यह भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो और जापानी अंतरिक्ष एजेंसी एयरोस्पेश एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) का साझा मिशन रहेगा. इसे ल्यूपेक्स (LUPEX) नाम दिया गया है जिसका पूरा नाम लूनर पोलर एक्सपोरेशन नाम दिया गया है.
चंद्रयान 5 से जुड़े जरूरी बिंदु
-चंद्रयान 5 मिशन की सबसे खास बात होगी इसके रोवर का भार 250 किलोग्राम होगा. जो कि चंद्रयान के प्रज्ञान रोवर के मुकाबले 10 गुना भारी होगा.
-अत्याधुनिक और ज्यादा से ज्यादा तकनीक की मौजूदगी इसे बाकी से ज्यादा वजनी और खास बनाएगी.
-जानकारी के मुताबिक चंद्रयान-3 के लैंडर का वजन 2 टन से थोड़ा कम रखा गया था, वहीं चंद्रयान-5 के लैंडर का वजन करीब 26 टन रखा जा सकता है. लैंडर को भी भारी भरकम बनाया जाएगा.
-चंद्रयान 5 को दक्षिणी ध्रुव पर उतारने का मकसद इस क्षेत्र में बसावट को जांचना रहेगा. दरअसल, चांद का यह क्षेत्र लगातार अंधेरे में ही रहता है, ऐसे में वहां के तापमान, बिगड़ते मौसम का पता लगाना और बर्फ व पानी के संतुलन को जांचना रहेगा.
-चंद्रयान 5 का उद्देश्य भविष्य में चांद इंसानों की आवाजाही की गुंजाइशों का पता लगाना भी है. इससे आगे लोगों को चांद पर भेजने में मदद मिलेगी.