भागीरथ महोत्सव मेला 2025 का आयोजन 29 मार्च से 30 अप्रैल तक दशहरा मैदान, पीठ बाजार से-4 भेल के मैदान में किया जाएगा. आयोजन समिति के अध्यक्ष मनोज मोहन यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में मेले न केवल मनोरंजन के साधन हैं, अपितु ज्ञानवर्द्धन के साधन भी कहे जाते हैं.
प्रत्येक मेले का इस देश की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक परम्पराओं से जुड़ा होना इस बात का प्रमाण हैं कि ये मेले किस प्रकार जन मानस में एक अपूर्व उल्लास, उमंग तथा मनोरंजन करते हैं. मेले का महत्व सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक, और धार्मिक होता है. मेला लोगों को एक साथ आने का मौका देता हैं. लोक संस्कृति और लोक जीवन को बढ़ावा देता हैं. सांस्कृतिक विविधता को संरक्षित करने में मदद करता है.
प्रेस क्लब हरिद्वार के सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि आयोजन समिति के अध्यक्ष मनोज मोहन यादव ने कहा कि भागीरथ महोत्सव मेले के मुख्य आकर्षण कई चीजें रहेंगी. 150 फीट का भव्य स्वागत द्वार, भव्य सांस्कृतिक मंच, विभिन्न तरह के सेल्फी जोन, विभिन्न तरह के आकर्षक झूले, स्ट्राइकिंग कार, रिवालविंग टावर, रेंजर झूला, बड़ी नाव, टोरा टोरा एरोप्लेन, ड्रैगन, चाइना बाउंसी वाटर बोट, मौत का कुआं होगा.
वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्थानीय बच्चों, कलाकारों सहित लोकप्रिय बाहरी कलाकारों की उपस्थिति रहेगी. मिस्टर व मिस हरिद्वार प्रतियोगिता, बॉडीबिल्डिंग का कंपटीशन और बहुत कुछ आकर्षण रहेगा. उन्होंने कहा कि मेले में सुरक्षा के दृष्टिकोण से 30 से 40 सुरक्षा गार्ड, 80 सीसी टीवी कैमरे, आग से बचाव के उपकरण, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सुविधा रहेगी. हरिद्वारवासियों एवं आसपास के क्षेत्र के सभी लोगों को मेले में शामिल होने का अनुरोध किया है. उन्होंने कहा कि बच्चों को मोबाइल से दूर रखकर मेला में घूमने जरूर पधारे.
हिन्दुस्थान समाचार
यह भी पढ़ें – कालीमठ मंदिर जहां अस्त्र शस्त्रों के साथ विराजती हैं माता सरस्वती, दर्शन करने से होती है सारी मनोकामनाएं पूरी