देश और दुनिया के पर्यटकों का ध्यान खींचने और प्राकृतिक सुंदरता से रूबरू कराने के लिए आज गंगोत्री नेशनल पार्क खुल गया है. ये पड़ोसी देश चीन से सटा हुआ देश का तीसरा सबसे बड़ा नेशनल पार्क है. वहीं इसके पश्चिम में गोविंद नेशनल पार्क व दक्षिण में केदारनाथ वन्यजीव अभयारण्य है जहां लोग जाना पसंद करते हैं.
प्राकृतिक खूबसूरती की गोद में बसा है

गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान 2390 वर्ग किलोमीटर की रेंज में फैला हुआ है जोकि पर्यटकों के लिए साल में 6 महीने खुलता है. यह भारत और चीन की अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित है. पार्क में जहां एक तरफ हिमालय पर्वतमाला की ऊंची चोटियां हैं तो वहीं गहरी नदियां, बर्फ, घास और मोटी चट्टानें हैं.
इतनी प्रजातियों के जीव करते हैं निवास
इस नेशनल पार्क में भिन्न प्रकार के जानवर भी ध्यान खींचते हैं. हिम तेंदुओं का यह प्राकृतिक घर है वो वहीं काला भालू, कस्तूरी मृग, नील गाय, भेड़, भरल, हिमालयन मोनाल, जैसे कई पाए जाते हैं. भारतीय वन्यजीव की जानकारी के मुताबिक 15 प्रजातियों के स्तनपायी और 150 प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं.
इस युद्ध का साक्षी रहा है गंगोत्री नेशनल पार्क
बता दें कि गंगोत्री नेशनल पार्क भारत और चीन के 1962 के युद्ध का गवाह भी रहा है. वहां कि गरतांग गली को भारत-चीन के युद्ध के बाद सुरक्षा कारणों के चलते बंद कर दिया गया इसके बाद 2021 में सीढ़ीनुमा रास्ते का जीर्णोद्धार करके इसे खोला गया तब से इसे पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है.
इस उद्यान की खूबसूरती का फायदा उठाने के लिए हर साल बड़ी तादाद में टूरिस्ट इन मनमोहक पलों का आनंद लेने के लिए पहुंचते हैं. कुछ समय पहले 6 मार्च को पीएम मोदी ने हर्षिल पहुंचकर ने चीन सीमा पर जादूंग से जनकताल व नीलापानी से मुलिंग-ला ट्रेक का शुभारंभ किया. इससे 11 किलोमीटर के ट्रेक की दूरी पर ही गंगोत्री नेशनल पार्क है.
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