आगामी दो मई से शुरू हो रही केदारनाथ यात्रा के लिए चौलाई के लड्डू सहित स्थानीय उत्पादों का प्रसाद बनाने का कार्य महिला समूहों ने शुरू कर दिया है. मेदनपुर गांव में आठ महिला समूहों की महिलाएं प्रसाद बनाने में जुट गई हैं. इस वर्ष समूहों के द्वारा चौलाई के लड्डू बनाने के लिए 100 क्विंटल चौलाई खरीदा गया है. वर्ष 2018 में तत्कालीन जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल की पहल पर यात्रा में स्थानीय उत्पाद का प्रसाद शामिल किया गया था, जिसमें चौलाई के लड्डू, चूरण, गंगा जल, बेल पत्र, धूप सहित नौ उत्पाद शामिल हैं.
वॉकल फोर लोकल से मिल रहा है बल
बीते छह वर्षों में महिला समूहों के द्वारा केदारनाथ यात्रा में स्थानीय उत्पादों का प्रसाद तैयार किया जा रहा है. प्रसाद बनाने के लिए काश्तकारों से चौलाई की खरीद की जा रही है, जिससे उन्हें भी लाभ मिल रहा है. इस वर्ष भी केदारनाथ यात्रा के लिए गंगा दुग्ध उत्पादन महिला स्वयं सहायता समूह ने प्रसाद बनाने का काम शुरू कर दिया है. हर्बल धूप और जूट के बैग भी तैयार किये जा रहे हैं.
समूह से जुड़ी कंचन सजवाण, उर्मिला देवी व सावित्री देवी का कहना है कि वह अपने पशुपालन, खेतीबाड़ी और घर के कामकाज के साथ ही प्रसाद बनाने का काम भी कर रही हैं.
मुख्य विकास अधिकारी डा. गणेश सिंह खाती ने बताया कि वर्ष 2018 से वह समूह के साथ मिलकर काम कर रही है, जिससे उनकी आर्थिकी को भी बल मिल रहा है. इधर, गंगा दुग्ध उत्पादन महिला स्वयं सहायता समूह के संरक्षण लक्ष्मण सिंह सजवाण बताते हैं कि वर्ष 2018 में शुरू हुई यह पहल प्रतिवर्ष सफल हो रही है.
इनका कहना है कि महिला समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें केदारनाथ प्रसाद बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. आगामी दो मई से शुरू हो रही केदारनाथ यात्रा के लिए समूहों ने प्रसाद बनाने का काम शुरू कर दिया है. समूहों के कार्य का स्थलीय निरीक्षण भी किया जाएगा. साथ ही यात्राकाल में प्रसाद की बिक्री के लिए काउंटर स्थापित किये जाएंगे.
हिन्दुस्थान समाचार
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