Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि का पर्व प्रदेशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस अवसर पर श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह से ही मंदिरों में जुट रही है, दूर-दूर से लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. हरिद्वार समेत प्रदेश की पवित्र नदियों के तटों पर भी स्नान के लिए भक्तों की बड़ी संख्या पहुंच रही है. मंदिरों में विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और गंगा घाटों पर गोताखोरों को तैनात किया गया है.
#WATCH खटीमा, उधम सिंह नगर (उत्तराखंड): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वनखंडी शिव मंदिर में पूजा की।#Mahashivratri2025 pic.twitter.com/WUEUJPPwiy
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 26, 2025
इस खास मौके पर उत्तराखंड के खटीमा के वनखंडी शिव मंदिर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी पूजा अर्चना की हैं. वीडियो में वो अपनी पत्नी संग पूरे विधी विधान के साथ भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना करते हुए नजर आ रहे हैं.
देहरादून स्थित टपकेश्वर, पृथ्वीनाथ और पशुपति नाथ मंदिरों में ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आने लगी थी. दोपहर तक मंदिरों के बाहर लंबी कतारें लगी रही. हरिद्वार के अलावा देवप्रयाग और अन्य पवित्र स्थलों पर भी भक्त स्नान करने पहुंच रहे हैं. हरिद्वार स्थित बिल्वकेश्वर महादेव, दक्ष प्रजापति, गौरीशंकर नीलेश्वर और अन्य मंदिरों में श्रद्धालु पूजा अर्चना कर रहे हैं.
गोपेश्वर में गोपीनाथ, रुद्रप्रयाग में कोटेश्वर महादेव, श्रीनगर कमलेश्वर महादेव, पौड़ी स्थित क्यूंकालेश्वर महादेव मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं. कुमाऊं बागेश्वर, जागेश्वर, पाताल भुवनेश्वरी समेत अन्य मंदिरों में भी भगवान शंकर के पूजन के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं.
उत्तरकाशी स्थित विश्वनाथ मंदिर को फूलों से सजाया गया है. मंदिर में सुबह से ही नगर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं. उत्तरकाशी को कलयुग की काशी कहा जाता है. पुराणों में इसे सौम्यकाशी कहा गया है. केदारखंड में स्पष्ट वर्णन है कि कलियुग में शंकर सौम्यकाशी और धरती के अंत पर गुप्तकाशी में वास करेंगे.
हिन्दुस्थान समाचार