विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रदेश के संसदीय कार्य व वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल की एक टिप्पणी उन्हीं पर भारी पड़ गई. सदन में विपक्ष के विरोध और कई जगह प्रदर्शन के बीच उनसे इस्तीफे की मांग के बाद मंत्री प्रेमचंद ने मंत्री पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया. इसके बाद प्रदेश में 5 मंत्रियों के पद खाली हो गए हैं , जिनकों लेकर चर्चाएं चल रही हैं.
प्रदेश में मेरे खिलाफ वातावरण बनाया गया, उससे दु:ख हुआ: प्रेमचंद
राज्य के कद्दावर मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने रविवार को एक पत्रकार वार्ता में कहा कि वे अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री को सौंपा है. उन्होंने कहा कि वे हमेशा उत्तराखंड के हितैषी हैं और रहेंगे. उन्होंने लगभग रोते हुए कहा कि आज मेरे प्रदेश ने मेरे खिलाफ वातावरण बनाया गया, उससे मुझे कष्ट है. आंदोलनकारी रहते हुए मैंने बहुत संघर्ष किया. मुजफ्फरनगर कांड के समय अकेले ट्रक में बैठ कर गया और लाठी-डंडे खाए लेकिन मुझे टारगेट किया जा रहा है. मेरे बयानों को तोड़-मरोड कर पेश किया जा रहा है.
कैबिनेट मंत्री डाॅ. प्रेमचंद अग्रवाल अपनी धर्मपत्नी के साथ मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा में बने उत्तराखंड शहीद स्मारक पहुंचे. यहां उन्होंने अमर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की और प्रदेश में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने का संकल्प लिया. इस अवसर पर वे भावुक नजर आए.
हिन्दुस्थान समाचार